मंगलवार को भारतीय वायुसेना की ओर से पाकिस्तान के बालाकोट में किए गए हमले के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि भारत का निशाना न तो सिविलियन थे और न ही पाकिस्तानी सेना. भारत की ओर से की गई कार्रवाई केवल आतंकियों को निशाना बनाने के लिए की गई है.
भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने अपने बयान में यह भी बताया कि हमला सफल रहा और इसमें आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर उस्ताद गौरी, कुछ ट्रेनर और आतंकवादी हमलों का प्रशिक्षण ले रहे कई आतंकवादी मारे गए हैं. हालांकि भारत सरकार की ओर से मारे गए लोगों की संख्या का कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया है.
भारत की ओर से जारी बयान बहुत सधा हुआ और कूटनीतिक है. भारत के बयान के कुछ निहितार्थ इस प्रकार हैं.
भारत ने अपने बयान में सीधे तौर पर कहा कि यह हमला पाकिस्तान पर, उसकी अवाम पर या सेना पर हरगिज़ नहीं था. केवल आतंकवादियों को निशाना बनाया गया. यानी भारत युद्ध का न तो अपनी ओर से संकेत दे रहा है और न ही पाकिस्तान को युद्ध में जाने के लिए किसी तरह की वजह दे रहा है.
विदेश सचिव को सामने लाकर भारत ने इसे सेना बनाम सेना होने से रोका. साथ ही विश्व समुदाय को संदेश देने के लिए विदेश मंत्रालय को सामने लाया गया.
भारत ने इसे आतंकियों पर हमला बताया. इससे भारत विश्व समुदाय को यह संदेश दे पाया है कि भारत की यह कार्रवाई युद्ध नहीं, आतंकवाद के खिलाफ भारत के एहतियाती प्रयास हैं.
ऐसी कार्रवाई करना क्यों अनिवार्य हो गया था, इसे समझाते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि पुलवामा में हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद भारत के कई अन्य हिस्सों में भी हमले की तैयारी कर रहा था और इसके लिए बड़े पैमाने पर आतंकियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा था. भविष्य में पुलवामा की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ऐसा करना ज़रूरी था.
भारत ने यह भी संकेत दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वो केवल विश्व समुदाय की पैरवी का मोहताज नहीं है. वो अकेले भी निर्णय ले सकता है और आतंकवाद से निपटने के लिए खुद ज़रूरी कदम उठाने में सक्षम है.
भारत की पाकिस्तान में घुसकर की गई इस कार्रवाई के बाद यदि सेना के मंच को आधिकारिक घोषणा के लिए इस्तेमाल किया जाता तो यह कूटनीतिक से ज़्यादा एक सामरिक संदेश देना होता. बहुत सोच-समझकर भारत ने विदेश मंत्रालय के ज़रिए इस कार्रवाई पर अपनी आधिकारिक स्थिति रखी है.
Tuesday, February 26, 2019
Wednesday, February 20, 2019
पाकिस्तान पहुंचे सऊदी क्राउन प्रिंस ने किए 20 अरब डॉलर के समझौते
दो दिवसीय पाकिस्तान दौरे पर आए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पाकिस्तान के साथ 20 अरब डॉलर के समझौतों का ऐलान किया है. इनमें ग्वादर के नज़दीक एक तेल रिफ़ायनरी में 8 अरब डॉलर का निवेश भी शामिल है.
पाकिस्तान पहुंचे क्राउन प्रिंस ने कहा कि पाकिस्तान का भविष्य रोशन है.
उन्होंने कहा, "पिछले साल भी पाकिस्तान ने पांच फ़ीसदी की दर से आर्थिक प्रगति की और मौजूदा नेतृत्व में पाकिस्तान का भविष्य बेहद सुनहरा है."
उन्होंने कहा कि इसलिए ही हमने पाकिस्तान के साथ बीस अरब डॉलर के समझौते किए हैं जो पाकिस्तान में सऊदी निवेश की पहला क़दम है.
सऊदी क्राउन प्रिंस जब पाकिस्तान पहुंचे तो उनका स्वागत करने के लिए प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और सेना प्रमुख क़मर जावेद बावजा एयरपोर्ट पर मौजूद थे.
इमरान ख़ान क्राउन प्रिंस को अपनी कार में बिठाकर प्रधानमंत्री निवास तक लेकर गए. कार वो ख़ुद ही चला रहे थे.
क्राउन प्रिंस के सम्मान में प्रधानमंत्री निवास में ख़ास डिनर का आयोजन भी किया गया था. इस दौरान इमरान ख़ान ने सऊदी अरब में काम करने वाले पाकिस्तानी मज़दूरों की परेशानियों के मुद्दे पर चर्चा भी की.
इमरान ख़ान ने कहा कि 25 लाख पाकिस्तानी नागरिक सऊदी अरब में काम करते हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग अपने परिवार को छोड़कर मेहनत मज़दूरी करने के लिए सऊदी अरब जाते हैं और लंबे वक्त तक अपने परिवारों से दूर रहते हैं.
इमरान ख़ान ने कहा कि ये लोग उनके दिल के बहुत क़रीब हैं. उन्होंने कहा कि इन मेहनतकश लोगों के सामने कई तरह की दिक्कतें हैं और क्राउन प्रिंस अपने स्तर पर उनकी परेशानियों को देखें.
इमरान ख़ान ने हज के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों के सामने आने वाली दिक्कतों का मसला भी क्राउन प्रिंस के समक्ष उठाया.
वहीं सऊदी क्राउन प्रिंस ने कहा कि पाकिस्तान उन्हें सऊदी अरब में पाकिस्तान का प्रतिनिधि समझे और वो सभी मुद्दे के समाधान के लिए काम करेंगे.
इससे पहले जब क्राउन प्रिंस रविवार देर शाम पाकिस्तान पहुंचे तो उनका शानदार स्वागत किया गया. क्राउन प्रिंस का विमान जब पाकिस्तान के वायुक्षेत्र में आया तो लड़ाकू विमानों ने उसे एस्कार्ट किया.
पाकिस्तानी लड़ाकू विमान क्राउन प्रिंस के विमान के दाएं और बाएं ओर फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए विमान को रावलपिंडी के नूर ख़ान एयरबेस पर लाए.
इसके बाद सुप्रीम को-आर्डिनेशन काउंसिल की पहली बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने की.
प्रिंस सलमान ने ही इस उच्च स्तरीय परिषद को स्थापित करने का प्रस्ताव दिया था. इसमें पाकिस्तान और सऊदी अरब के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री शामिल हैं.
क्राउन प्रिंस के पाकिस्तान पहुंचने से कुछ देर पहले ही सऊदी विदेश मंत्री आदिल अल जुबैर रावलपिंडी पहुंचे थे जहां पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने उनका स्वागत किया.
क्राउन प्रिंस सोमवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा से भी मुलाक़ात करेंगे.
पाकिस्तान के लोग क्राउन प्रिंस के दौरे को ऐतिहासिक मान रहे हैं और उन्हें सऊदी अरब सेबड़ी आर्थिक मदद मिलने की भी उम्मीदें हैं.
मोहम्मद बिन सलमान अप्रैल 2017 में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस बने थे और उसके बाद से ये उनका पहला पाकिस्तानी दौरा है. पाकिस्तान को उनके इस दो दिवसीय दौरे से बहुत उम्मीदें हैं. इस दौरान अरबों डॉलर के वाणिज्यिक और गैर वाणिज्यिक समझौते होने की उम्मीद है.
पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुज़र रहा है और अपने निकटतम सहयोगी देशों से मदद की गुहार लगा रहा है. पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच सैन्य संबंध बेहद मज़बूत हैं.
पाकिस्तान पहुंचे क्राउन प्रिंस ने कहा कि पाकिस्तान का भविष्य रोशन है.
उन्होंने कहा, "पिछले साल भी पाकिस्तान ने पांच फ़ीसदी की दर से आर्थिक प्रगति की और मौजूदा नेतृत्व में पाकिस्तान का भविष्य बेहद सुनहरा है."
उन्होंने कहा कि इसलिए ही हमने पाकिस्तान के साथ बीस अरब डॉलर के समझौते किए हैं जो पाकिस्तान में सऊदी निवेश की पहला क़दम है.
सऊदी क्राउन प्रिंस जब पाकिस्तान पहुंचे तो उनका स्वागत करने के लिए प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और सेना प्रमुख क़मर जावेद बावजा एयरपोर्ट पर मौजूद थे.
इमरान ख़ान क्राउन प्रिंस को अपनी कार में बिठाकर प्रधानमंत्री निवास तक लेकर गए. कार वो ख़ुद ही चला रहे थे.
क्राउन प्रिंस के सम्मान में प्रधानमंत्री निवास में ख़ास डिनर का आयोजन भी किया गया था. इस दौरान इमरान ख़ान ने सऊदी अरब में काम करने वाले पाकिस्तानी मज़दूरों की परेशानियों के मुद्दे पर चर्चा भी की.
इमरान ख़ान ने कहा कि 25 लाख पाकिस्तानी नागरिक सऊदी अरब में काम करते हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग अपने परिवार को छोड़कर मेहनत मज़दूरी करने के लिए सऊदी अरब जाते हैं और लंबे वक्त तक अपने परिवारों से दूर रहते हैं.
इमरान ख़ान ने कहा कि ये लोग उनके दिल के बहुत क़रीब हैं. उन्होंने कहा कि इन मेहनतकश लोगों के सामने कई तरह की दिक्कतें हैं और क्राउन प्रिंस अपने स्तर पर उनकी परेशानियों को देखें.
इमरान ख़ान ने हज के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों के सामने आने वाली दिक्कतों का मसला भी क्राउन प्रिंस के समक्ष उठाया.
वहीं सऊदी क्राउन प्रिंस ने कहा कि पाकिस्तान उन्हें सऊदी अरब में पाकिस्तान का प्रतिनिधि समझे और वो सभी मुद्दे के समाधान के लिए काम करेंगे.
इससे पहले जब क्राउन प्रिंस रविवार देर शाम पाकिस्तान पहुंचे तो उनका शानदार स्वागत किया गया. क्राउन प्रिंस का विमान जब पाकिस्तान के वायुक्षेत्र में आया तो लड़ाकू विमानों ने उसे एस्कार्ट किया.
पाकिस्तानी लड़ाकू विमान क्राउन प्रिंस के विमान के दाएं और बाएं ओर फॉर्मेशन में उड़ान भरते हुए विमान को रावलपिंडी के नूर ख़ान एयरबेस पर लाए.
इसके बाद सुप्रीम को-आर्डिनेशन काउंसिल की पहली बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने की.
प्रिंस सलमान ने ही इस उच्च स्तरीय परिषद को स्थापित करने का प्रस्ताव दिया था. इसमें पाकिस्तान और सऊदी अरब के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री शामिल हैं.
क्राउन प्रिंस के पाकिस्तान पहुंचने से कुछ देर पहले ही सऊदी विदेश मंत्री आदिल अल जुबैर रावलपिंडी पहुंचे थे जहां पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने उनका स्वागत किया.
क्राउन प्रिंस सोमवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा से भी मुलाक़ात करेंगे.
पाकिस्तान के लोग क्राउन प्रिंस के दौरे को ऐतिहासिक मान रहे हैं और उन्हें सऊदी अरब सेबड़ी आर्थिक मदद मिलने की भी उम्मीदें हैं.
मोहम्मद बिन सलमान अप्रैल 2017 में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस बने थे और उसके बाद से ये उनका पहला पाकिस्तानी दौरा है. पाकिस्तान को उनके इस दो दिवसीय दौरे से बहुत उम्मीदें हैं. इस दौरान अरबों डॉलर के वाणिज्यिक और गैर वाणिज्यिक समझौते होने की उम्मीद है.
पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुज़र रहा है और अपने निकटतम सहयोगी देशों से मदद की गुहार लगा रहा है. पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच सैन्य संबंध बेहद मज़बूत हैं.
Thursday, February 14, 2019
इस वेलेंटाइन दें अपने प्रियजनों को Honda Activa का प्यार भरा तोहफ़ा
प्यार और केयर दिखाने की न कोई उम्र होती है और न ही इसके लिए किसी ख़ास मौके का इंतज़ार किया जाता है। प्यार में रिश्तों की कोई सीमा नहीं होती, प्यार भाई- बहन का भी होता है, प्रेमी- प्रेमिका का भी होता है, पति- पत्नी का भी होता है और दोस्तों के बीच भी होता है। तो चाहे मौका हो उनके जन्मदिन का, शादी की सालगिराह, वालेंटाइन डे या किसी भी अन्य ख़ास दिन का, सभी ये चाहते हैं कि वो अपने प्रियजनों को तोहफे में कोई ऐसी नायाब चीज़ दें जो उन्हें हमेशा याद रहे। इस वेलेंटाइन डे अगर आप भी अपने किसी क़रीबी या खास इंसान को तोहफ़ा देना चाहते हैं तो Honda Activa और इसकी खूबियों के बारे में ज़रूर जानें जो इसे एक ख़ास तोहफ़ा बनाती हैं।
आत्मविश्वास:
आत्मविश्वास एक ऐसी चीज़ है जो किसी भी व्यक्ति को अव्वल और श्रेष्ठ बनाता है। जो लोग खुद से कोई भी वाहन चलाते हैं उनमें अन्य लोगों की अपेक्षा में ज्यादा आत्मविश्वास देखा गया है। Honda Activa को, सभी लोगों की पसंद और सुविधा को ध्यान में रखते हुये इस तरह बनाया गया है जो हर किसी के अनुकूल है। Activa वजन में हल्का और संभालाने में आसान है। Honda Activa ने लोगों का खुद पर आत्मविश्वास को बढ़ाया है जिस कारण से आजकल सभी लोग जैसे लड़के-लड़कियां, माता-पिता यहाँ तक कि घर के बुजुर्ग भी आसानी से इस स्कूटर को चलाते हैं। यही वजह है कि Honda Activa हर पीढ़ी कि पहली पसंद बन गया है और सभी इसे अपना आत्मविश्वास बढ़ाने का एक ज़रिया मानते हैं।
आरामदायक:
टू- व्हीलर चलाने में जितनी ही आरामदायक और आसान रहती है उतना ही उसे चलाने में मज़ा आता है। इंडिया की सड़कों का हाल किसी से भी छिपा नहीं है ऐसे में हर कोई टू- व्हीलर चलाने में हिचकता है और ये जरूरी नहीं की सभी के पास कार की सुविधा हो, तो इस स्थिति में टू- व्हीलर की ही सवारी करनी पड़ती है। तो टू- व्हीलर हमेशा ऐसा होना चाहिए जो एक आरामदायक राइड का अनुभव दे। Honda Activa अपने खास फ़ीचर्स जैसे आरामदायक सीट और बेहतरीन शोकर की मदद से एक अच्छी और सुरक्षित राइड का मज़ा देता है। इन्हीं सब खूबियों की वजह से ये स्कूटर पुरुषों के साथ महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भी सबसे बेहतर ऑप्शन बन गया है। यंग जनरेशन के लोगों के बीच भी Activa काफी पॉपुलर है। फिर वो दोस्तों के साथ देर रात का प्लान हो या ऑफिस कि भाग-दौड़, Activa हर पल एक सच्चे साथी की तरह आपका साथ निभाता है।
भाईचारा/साथी:
अब वो दिन गए जब महिलाओं या बुज़ुर्गों को अकेले घर से निकालने में संकोच लगता था, कि किसी साथी और सवारी के बिना वो बाहर कैसे जाएंगे। लेकिन अब चिंता की कोई बात नहीं इस आधुनिक दौर में अब स्कूटर सभी महिलाओं और बुज़ुर्गों का साथी बन गया है, चाहे रात हो या दिन हर समय उनका साथ देता है। इसके साथ ही Honda Activa टू- व्हीलर में समान रखने के लिए भरपूर जगह मिलती है जिससे किसी भी समान को लाने और ले जाने जाने में मुश्किल नहीं होती। इसलिए चाहे शॉपिंग जाना हो या घर का राशन लाना हो ये स्कूटर हमेशा साथ निभाता है जिस वजह से किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर रहने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
विश्वास:
Honda Activa ने पिछले 18 सालों से सभी का विश्वास बरकरार रखा है जिसके बूते ये स्कूटर मार्केट में अपना दबदबा बनाए हुए है। इसकी बेहतरीन परफॉर्मेंस और लुक सभी को सभी को पसंद आते हैं और ये सभी लोगों कि जरूरतों के अनुकूल है। सभी को इसकी क्वालिटी और परफॉर्मेंस पर सालों से यकीन है जिस वजह से ये भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला स्कूटर बन गया है। इसके इंजन की बेहतरीन परफॉर्मेंस और सर्विस के चलते सभी लोग बड़े पैमाने पर इस स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं और ये इन सभी की पहली पसंद बन चुका है।
आज़ादी:
आज़ादी किसे नहीं पसंद? चाहे बच्चे हों, या पंछी सभी अपने हौसलों से उड़ान भरना चाहते हैं। और हो भी क्यूँ न आखिर हर किसी को आज़ादी का हक़ है। ऐसे में महिलाओं को उनकी आज़ादी का एहसास करवाने में Honda Activa नें बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। चाहे कॉलेज जाना हो, ऑफिस जाना हो या घर का समान लाना हो अब महिलाएं आधी रात को भी घर से निकालने में संकोच नहीं करतीं। क्यूंकी इस टू- व्हीलर ने सभी को अपने टाइम और सुविधा के अनुसार आने-जाने की आज़ादी दी है जिस वजह से कहीं बाहर आने-जाने के लिए बस, ऑटो और कैब पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। वहीं पुरुषों को भी Activa बेहद पसंद आता है क्यूंकी इसके रहते उन्हें बाज़ार के कितने भी चक्कर काटने हों उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं होती। अपने स्लीक डिज़ाइन के चलते इस स्कूटर को किसी भी तरह की सड़कों या ट्रेफिक से निकालना बेहद आसान हो जाता है और इसका खर्च भी काफी कम होता है, यानी सड़क पर हर फिक्र से आज़ादी।
तो अगर आप भी किसी अपने को आज़ादी, आराम और आत्मविश्वास जैसे अमूल्य तोहफे देना चाहते हैं जो समय समय पर आपकी याद भी दिलाता रहे तो Honda Activa जैसा नायाब तोहफा दें। क्यूंकी विश्वास से बड़ी कोई ताकत नहीं होती और आज़ादी से बड़ा कोई तोहफा नहीं होता।
आत्मविश्वास:
आत्मविश्वास एक ऐसी चीज़ है जो किसी भी व्यक्ति को अव्वल और श्रेष्ठ बनाता है। जो लोग खुद से कोई भी वाहन चलाते हैं उनमें अन्य लोगों की अपेक्षा में ज्यादा आत्मविश्वास देखा गया है। Honda Activa को, सभी लोगों की पसंद और सुविधा को ध्यान में रखते हुये इस तरह बनाया गया है जो हर किसी के अनुकूल है। Activa वजन में हल्का और संभालाने में आसान है। Honda Activa ने लोगों का खुद पर आत्मविश्वास को बढ़ाया है जिस कारण से आजकल सभी लोग जैसे लड़के-लड़कियां, माता-पिता यहाँ तक कि घर के बुजुर्ग भी आसानी से इस स्कूटर को चलाते हैं। यही वजह है कि Honda Activa हर पीढ़ी कि पहली पसंद बन गया है और सभी इसे अपना आत्मविश्वास बढ़ाने का एक ज़रिया मानते हैं।
आरामदायक:
टू- व्हीलर चलाने में जितनी ही आरामदायक और आसान रहती है उतना ही उसे चलाने में मज़ा आता है। इंडिया की सड़कों का हाल किसी से भी छिपा नहीं है ऐसे में हर कोई टू- व्हीलर चलाने में हिचकता है और ये जरूरी नहीं की सभी के पास कार की सुविधा हो, तो इस स्थिति में टू- व्हीलर की ही सवारी करनी पड़ती है। तो टू- व्हीलर हमेशा ऐसा होना चाहिए जो एक आरामदायक राइड का अनुभव दे। Honda Activa अपने खास फ़ीचर्स जैसे आरामदायक सीट और बेहतरीन शोकर की मदद से एक अच्छी और सुरक्षित राइड का मज़ा देता है। इन्हीं सब खूबियों की वजह से ये स्कूटर पुरुषों के साथ महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भी सबसे बेहतर ऑप्शन बन गया है। यंग जनरेशन के लोगों के बीच भी Activa काफी पॉपुलर है। फिर वो दोस्तों के साथ देर रात का प्लान हो या ऑफिस कि भाग-दौड़, Activa हर पल एक सच्चे साथी की तरह आपका साथ निभाता है।
भाईचारा/साथी:
अब वो दिन गए जब महिलाओं या बुज़ुर्गों को अकेले घर से निकालने में संकोच लगता था, कि किसी साथी और सवारी के बिना वो बाहर कैसे जाएंगे। लेकिन अब चिंता की कोई बात नहीं इस आधुनिक दौर में अब स्कूटर सभी महिलाओं और बुज़ुर्गों का साथी बन गया है, चाहे रात हो या दिन हर समय उनका साथ देता है। इसके साथ ही Honda Activa टू- व्हीलर में समान रखने के लिए भरपूर जगह मिलती है जिससे किसी भी समान को लाने और ले जाने जाने में मुश्किल नहीं होती। इसलिए चाहे शॉपिंग जाना हो या घर का राशन लाना हो ये स्कूटर हमेशा साथ निभाता है जिस वजह से किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर रहने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
विश्वास:
Honda Activa ने पिछले 18 सालों से सभी का विश्वास बरकरार रखा है जिसके बूते ये स्कूटर मार्केट में अपना दबदबा बनाए हुए है। इसकी बेहतरीन परफॉर्मेंस और लुक सभी को सभी को पसंद आते हैं और ये सभी लोगों कि जरूरतों के अनुकूल है। सभी को इसकी क्वालिटी और परफॉर्मेंस पर सालों से यकीन है जिस वजह से ये भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला स्कूटर बन गया है। इसके इंजन की बेहतरीन परफॉर्मेंस और सर्विस के चलते सभी लोग बड़े पैमाने पर इस स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं और ये इन सभी की पहली पसंद बन चुका है।
आज़ादी:
आज़ादी किसे नहीं पसंद? चाहे बच्चे हों, या पंछी सभी अपने हौसलों से उड़ान भरना चाहते हैं। और हो भी क्यूँ न आखिर हर किसी को आज़ादी का हक़ है। ऐसे में महिलाओं को उनकी आज़ादी का एहसास करवाने में Honda Activa नें बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। चाहे कॉलेज जाना हो, ऑफिस जाना हो या घर का समान लाना हो अब महिलाएं आधी रात को भी घर से निकालने में संकोच नहीं करतीं। क्यूंकी इस टू- व्हीलर ने सभी को अपने टाइम और सुविधा के अनुसार आने-जाने की आज़ादी दी है जिस वजह से कहीं बाहर आने-जाने के लिए बस, ऑटो और कैब पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। वहीं पुरुषों को भी Activa बेहद पसंद आता है क्यूंकी इसके रहते उन्हें बाज़ार के कितने भी चक्कर काटने हों उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं होती। अपने स्लीक डिज़ाइन के चलते इस स्कूटर को किसी भी तरह की सड़कों या ट्रेफिक से निकालना बेहद आसान हो जाता है और इसका खर्च भी काफी कम होता है, यानी सड़क पर हर फिक्र से आज़ादी।
तो अगर आप भी किसी अपने को आज़ादी, आराम और आत्मविश्वास जैसे अमूल्य तोहफे देना चाहते हैं जो समय समय पर आपकी याद भी दिलाता रहे तो Honda Activa जैसा नायाब तोहफा दें। क्यूंकी विश्वास से बड़ी कोई ताकत नहीं होती और आज़ादी से बड़ा कोई तोहफा नहीं होता।
Thursday, February 7, 2019
INX मीडिया केस: पूछताछ के लिए ED दफ्तर पहुंचे कार्ति चिदंबरम
INX मीडिया केस में गुरुवार को पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम से प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ करेगा. कार्ति पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर पहुंच गए हैं. यहां कार्ति से ईडी INX केस से जुड़े कई सवाल करेगा. बता दें कि शुक्रवार को उनके पिता यानी पी. चिदंबरम को भी ईडी के सामने पेश होना है. गौरतलब है कि INX केस में ही आज इंद्राणी मुखर्जी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी होनी है.
गौरतलब है कि कार्ति चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी और पूछताछ में ईडी को सहयोग करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ईडी के बुलाने पर पूछताछ के लिए जाएं. सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को विदेश जाने के लिए सशर्त मंजूरी दी थी और रजिस्ट्री के लिए 10 करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश दिया था.
बीते साल फरवरी में ईडी ने INX मामले में ही कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी. उनपर INX के अलावा एयरसेल-मैक्सिस का भी केस चल रहा है, जिसमें वह ईडी और सीबीआई के निशाने पर हैं.
गौरतलब है कि ED ने CBI की FIR के आधार पर PMLA के तहत केस दर्ज किया था. कार्ति पर आरोप है कि INX मीडिया को 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन प्राप्त करने में एफआईपीबी की मंजूरी में अनियमितता की गई है. इस दौरान कार्ति चिदंबरम के पिता पी. चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे.
अभी तक ED ने कार्ति चिदंबरम की 54 करोड़ रुपये की संपत्ति और मामले से जुड़ी एक कंपनी को कुर्क किया है. इस संपत्ति में ब्रिटेन के समरसेट में 8.67 करोड़ का एक कॉटेज, स्पेन के गावा में 14 करोड़ रुपये की जमीन और एक टेनिस क्लब शामिल है.
ईडी के सूत्रों ने आजतक को बताया कि रॉबर्ट वाड्रा ने कथित रूप से भंडारी के रिश्तेदार सुमित को ई-मेल कर साफ निर्देश दिए थे. सुमित चड्ढा ने संजय भंडारी और रॉबर्ट वाड्रा को मार्क कर कई ई-मेल भेजे थे.
सूत्रों ने बताया कि बुधवार को पूछताछ करने वाले अधिकारी वाड्रा के जवाब से बहुत संतुष्ट नहीं थे और इसीलिए उन्हें गुरुवार सुबह 10.30 बजे फिर से हाजिर होने का आदेश दिया गया. आजतक को यह भी पता चला है कि पूछताछ के दौरान वाड्रा ने इस बात से साफ इंकार किया है कि उनका संजय भंडारी या उसके रिश्तेदार सुमित चड्ढा से किसी तरह का कोई कारोबारी रिश्ता है. हालांकि वाड्रा ने यह स्वीकार किया है कि वह मनोज अरोड़ा को जानते हैं, क्योंकि वह कभी उनके कंपनी में काम करता था, लेकिन उन्होंने कभी भी अरोड़ा को अपनी तरफ से कोई मेल करने का निर्देश नहीं दिया था. वाड्रा ने इस बात से भी साफ इंकार किया कि लंदन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनके मालिकाना में कोई प्रॉपर्टी है.
वाड्रा से डिप्टी डायरेक्टर और असिस्टेंट डायरेक्टर स्तर के तीन ईडी अधिकारियों की टीम ने पूछताछ किए थे. वाड्रा से कई तरह के लेन-देन, खरीद और लंदन में कई तरह की अचल संपत्तियों के बारे में पूछताछ की गई. यह मामला तब सामने आया था, जब ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा के करीबी सहयोगी मनोज अरोड़ा के खिलाफ जांच शुरू की थी. वह वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटलिटी एलएलपी से जुड़े एक फर्म का कर्मचारी था.
गौरतलब है कि कार्ति चिदंबरम को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई थी और पूछताछ में ईडी को सहयोग करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ईडी के बुलाने पर पूछताछ के लिए जाएं. सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति चिदंबरम को विदेश जाने के लिए सशर्त मंजूरी दी थी और रजिस्ट्री के लिए 10 करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश दिया था.
बीते साल फरवरी में ईडी ने INX मामले में ही कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी. उनपर INX के अलावा एयरसेल-मैक्सिस का भी केस चल रहा है, जिसमें वह ईडी और सीबीआई के निशाने पर हैं.
गौरतलब है कि ED ने CBI की FIR के आधार पर PMLA के तहत केस दर्ज किया था. कार्ति पर आरोप है कि INX मीडिया को 2007 में 305 करोड़ रुपये का विदेशी धन प्राप्त करने में एफआईपीबी की मंजूरी में अनियमितता की गई है. इस दौरान कार्ति चिदंबरम के पिता पी. चिदंबरम केंद्रीय वित्त मंत्री थे.
अभी तक ED ने कार्ति चिदंबरम की 54 करोड़ रुपये की संपत्ति और मामले से जुड़ी एक कंपनी को कुर्क किया है. इस संपत्ति में ब्रिटेन के समरसेट में 8.67 करोड़ का एक कॉटेज, स्पेन के गावा में 14 करोड़ रुपये की जमीन और एक टेनिस क्लब शामिल है.
ईडी के सूत्रों ने आजतक को बताया कि रॉबर्ट वाड्रा ने कथित रूप से भंडारी के रिश्तेदार सुमित को ई-मेल कर साफ निर्देश दिए थे. सुमित चड्ढा ने संजय भंडारी और रॉबर्ट वाड्रा को मार्क कर कई ई-मेल भेजे थे.
सूत्रों ने बताया कि बुधवार को पूछताछ करने वाले अधिकारी वाड्रा के जवाब से बहुत संतुष्ट नहीं थे और इसीलिए उन्हें गुरुवार सुबह 10.30 बजे फिर से हाजिर होने का आदेश दिया गया. आजतक को यह भी पता चला है कि पूछताछ के दौरान वाड्रा ने इस बात से साफ इंकार किया है कि उनका संजय भंडारी या उसके रिश्तेदार सुमित चड्ढा से किसी तरह का कोई कारोबारी रिश्ता है. हालांकि वाड्रा ने यह स्वीकार किया है कि वह मनोज अरोड़ा को जानते हैं, क्योंकि वह कभी उनके कंपनी में काम करता था, लेकिन उन्होंने कभी भी अरोड़ा को अपनी तरफ से कोई मेल करने का निर्देश नहीं दिया था. वाड्रा ने इस बात से भी साफ इंकार किया कि लंदन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनके मालिकाना में कोई प्रॉपर्टी है.
वाड्रा से डिप्टी डायरेक्टर और असिस्टेंट डायरेक्टर स्तर के तीन ईडी अधिकारियों की टीम ने पूछताछ किए थे. वाड्रा से कई तरह के लेन-देन, खरीद और लंदन में कई तरह की अचल संपत्तियों के बारे में पूछताछ की गई. यह मामला तब सामने आया था, जब ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा के करीबी सहयोगी मनोज अरोड़ा के खिलाफ जांच शुरू की थी. वह वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटलिटी एलएलपी से जुड़े एक फर्म का कर्मचारी था.
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