कुछ साल पहले मैंने डेनमार्क में एक विंटेज कार रैली में हिस्सा लिया. ये एक यादगार तजुर्बा रहा था.
वैसे तो ये विंटेज कार रैली थी. मगर, इसमें कार से ज़्यादा ज़ोर फैंसी ड्रेस पहनने पर था. विंटेज कार रैली मॉन नाम के एक द्वीप पर जा कर ख़त्म हुई.
देर रात तक नाचने-गाने और पीने-पिलाने के दौर के बाद सोने की बारी आई. मैंने सोचा कि गर्मियों के दिन हैं, तो चलो खुले आसमान तले किसी बेंच पर सो लेते हैं.
ये मेरी ज़िंदगी की बहुत बड़ी भूल साबित हुई.
उस रात मुझे तीन एकदम नई बातें पता चलीं. पहली तो ये कि गर्मियों में डेनमार्क में बहुत मच्छर हो जाते हैं. दूसरी बात ये कि ये मच्छर इतने भयंकर होते हैं कि वो चादरों और आप की कमीज़ के ऊपर से भी काट लेते हैं. तीसरी बात ये कि अगर आप ने शराब पी है, तो इसका मतलब मच्छरों को दावत दे दी है.
उस रात मच्छरों का शिकार बनने के बाद जब मैं सुबह उठा तो मेरी हालत ख़राब थी. पूरा बदन अकड़ गया था.
अमरीका की जर्नल ऑफ़ मॉस्क्विटो कंट्रोल एसोसिएशन की 2002 की रिपोर्ट कहती है कि अगर आप शराब पीते हैं, तो आपके मच्छर के शिकार होने की आशंका बढ़ जाती है.
अभी ये साफ़ नहीं है कि मच्छर पियक्कड़ों की तरफ़ क्यों खिंचे चले आते हैं?
अभी हमें ये पता है कि मच्छरों को हमारे होने का एहसास दो केमिकल से होता है. पहला तो है कार्बन डाई ऑक्साइड जिसे हम सांस छोड़ते वक़्त निकालते हैं. दूसरा ऑक्टानॉल, जिसे मशरूम एल्कोहल भी कहते हैं. क्योंकि मशरूम का स्वाद इसी केमिकल की वजह से आता है. ये केमिकल हमारे शरीर में एल्कोहल यानी शराब पीने के बाद बनता है.
अब अगला सवाल ये उठता है कि क्या शराबियों का ख़ून पीने वाले मच्छर ख़ुद नशे में आ जाते हैं?
लाखों बरस से मच्छर इंसान का ख़ून पीते आ रहे हैं. पर, इस बारे में रिसर्च बेहद कम हुई है कि क्या शराबी का ख़ून पीने से मच्छरों को भी नशा होता है?
मच्छरों की अमरीकी जानकार तान्या डैप्की, फ़िलाडेल्फ़िया की पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाती हैं. तान्या कहती हैं, ''मुझे नहीं लगता कि शराबी का ख़ून पीने से मच्छरों को भी नशा हो जाता है. वजह ये कि ख़ून में अल्कोहल की मात्रा इतनी होती नहीं है.''
अमरीका की नॉर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी के कोबी स्कैल कहते हैं कि किसी ने 10 पेग शराब पी है, तो उसके ख़ून में अल्कोहल की मात्रा 0.2 प्रतिशत हो जाती है. लेकिन, अगर कोई मच्छर उस इंसान का ख़ून पीता है, तो उस पर शराब का बेहद मामूली असर होगा. इससे उनकी क्षमता पर असर नहीं पड़ता.
मच्छरों का पाचन तंत्र भी ख़ास होता है. ख़ून के अलावा उनके पेट में कोई और चीज़ जाती है, तो वो एक अलग जगह जमा होती है. वहां मच्छर के एंजाइम उसे और तोड़-फोड़ डालते हैं. यानी, मच्छर के शरीर में शराब की मात्रा जाती भी है, तो उसके एंजाइम उसे नए केमिकल में बदल लेते हैं. इससे उनके दिमाग़ पर असर नहीं होता.
लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूज़ियम का रख-रखाव करने वाली एरिका मैकएलिस्टर कहती हैं कि बहुत से कीड़ों में ये ख़ूबी होती है कि वो नुक़सानदेह केमिकल को अपने खाने से अलग कर लेते हैं. फिर उसे धीरे-धीरे शरीर से बाहर निकाल देते हैं. वो एल्कोहल से लेकर नुक़सान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया तक को एंजाइम से पचा लेते हैं.
एरिका ने कीड़े-मकोड़ों पर एक किताब भी लिखी है, 'द सीक्रेट लाइफ़ ऑफ़ फ्लाईज़'. वो बताती हैं कि आम तौर पर पायी जाने वाली मक्खियां और मधुमक्खियां भी इस ख़ूबी से लैस होती हैं. वो सड़ रहे फलों से रस चूसती हैं, जबकि सड़ने के दौरान फलों में एल्कोहल बन जाता है.
एरिका कहती हैं, ''मुझे मच्छरों को नशा होने का तो नहीं पता, पर मधुमक्खियां अक्सर एल्कोहल की वजह से नशे की शिकार होती हैं. उस दौरान उनका बर्ताव बदल जाता है. वो मस्ती करना शुरू कर देती हैं. अपना साथी चुनने में ज़्यादा मशक़्क़त नहीं करतीं. ज़्यादा एल्कोहल ले लेने के बाद मक्खियां होश खो बैठती हैं.''
मच्छर भी सड़ते हुए फल से रस चूसना पसंद करते हैं. सिर्फ मादा मच्छर ही ख़ून पीती है. इसकी वजह ये है कि उन्हें अंडे देने के लिए जो प्रोटीन चाहिए होता है, वो ख़ून से हासिल होता है. वैसे नर और मादा, दोनों ही मच्छर फलों और फूलों का रस पीते हैं, ताकि उन्हें एनर्जी मिले.
वैसे, बहुत से इंसानों के जीन में भी कुछ ऐसा होता है कि मच्छर उन्हें अपना शिकार ज़्यादा बनाते हैं. दुनिया की कुल आबादी के पांचवें हिस्से के जीन में ऐसी बात होती है कि मच्छर उनकी तरफ़ ज़्यादा खिंचते हैं.
इनमें से एक वजह है ओ ब्लड ग्रुप. किसी और ब्लड ग्रुप के मुक़ाबले ओ ग्रुप के इंसान को मच्छर काटने की आशंका दो गुनी होती है. शरीर का तापमान ज़्यादा होने पर भी मच्छर खिंचे चले आते हैं. गर्भवती महिलाओं को भी मच्छर ज़्यादा काटते हैं. जो लोग अक्सर गहरी सांस छोड़ते हैं, मच्छर उन्हें भी ज़्यादा काटते हैं. क्योंकि वो ज़्यादा कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ते हैं और ये मच्छर को इंसान के होने का इशारा देती है.
मच्छरों की अलग-अलग प्रजातियां शरीर के अलग हिस्सों को निशाना बनाती हैं. कुछ मच्छर पैर और पंजों में काटते हैं. तो कुछ गर्दन और चेहरे पर धावा बोलते हैं. शायद वो आपके मुंह और नाक से निकलने वाली कार्बन डाई ऑक्साइड को सूंघते हुए वहां पहुंच जाते हैं.
तान्या बताती हैं, ''जब मैं कोस्टा रिका गई, तो मच्छरों ने मेरे तलवे में काट खाया. ये कैसे मुमकिन हुआ?''
शराब से निकलने वाला एथेनॉल भी इसी तरह मच्छरों को हमारी तरफ़ खींचता है. जब हम शराब पीते हैं, तो हमारे पसीने के साथ थोड़ी तादाद में एथेनॉल निकलता है. मच्छर इसकी गंध से इंसान तक पहुंच जाते हैं.
2010 में बर्किना फ़ासो में हुई एक रिसर्च भी इसी नतीजे पर पहुंची थी कि शराब या बीयर पीने के बाद मच्छरों के काटने की आशंका बढ़ जाती है.
तान्या कहती हैं, ''अगर आप भूखे हैं और घूम फिर रहे हैं, तो आप के क़दम ख़ुद ब ख़ुद उस दिशा में बढ़ जाते हैं, जिधर से खाने की ख़ुशबू आती है.''
इसी तरह एथेनॉल से मच्छरों को इशारा मिलता है कि आस-पास भोजन उपलब्ध है.
पर मैकएलिस्टर कहती हैं कि कई बार जेनेटिक कारणों से भी मच्छर ज़्यादा काटते हैं. ऐसे में मच्छरों के काटने के डर से एक या दो बीयर पीने से मना करना भी ठीक नहीं होगा.
Tuesday, March 19, 2019
Tuesday, March 12, 2019
最高法谈纠正涉民企冤假错案:不能因经营小瑕疵就作为刑案
财新周刊记者:去年最高法院再审张文中案件、赵明利案件等一批涉及产权的冤假错案,起到了良好的示范效果。请问,今年最高法院如何进一步加大力度继续纠正涉产权、民营企业的冤假错案?
最高人民法院副院长江必新:去年以来,最高法院根据中央的部署和习总书记在民营企业座谈会上的重要讲话精神,采取了一系列举措,加大纠正冤错案件的力度。张文中案是一个标杆性案件,十年前他被判处12年有期徒刑,在去年的5月31日被宣告无罪。下一步,我们将进一步加大力度,纠正冤错案件。
江必新:第一,在统一裁判理念上下更大功夫。要坚持罪行法定原则,凡是刑事法律没有规定为犯罪的,一律不得作为犯罪追究。要坚持疑罪从无的原则,凡属于证据不足、事实不清的案件,一律做无罪处理。要坚持证据裁判原则,严格实行非法证据排除规则,对证据不足的,不能认定为犯罪并给予刑事处罚。
江必新:第二,在划清罪与非罪的界线上下更大功夫。我们将紧盯三类案件,第一类案件是合同诈骗罪、挪用侵占资金罪以及与民营企业家相关的其他罪名,我们把这些案件作为关注的重点。第二类案件是异地创业、异地投资这类存在着“主客场”问题的案件。第三类案件是因为规划调整、政策变化、领导更换而引发的一些案件。对于这些案件我们将认真进行排查,在处理时注重划清合法与非法、罪与非罪的界线。
江必新:第三,在排查督办、细心甄别上下更大功夫。严格区分民事纠纷和犯罪案件,坚决防止利用刑事手段干预经济纠纷,决不能把民事纠纷当成刑事案件来处理,决不能把民事责任转化为刑事责任,决不能因为经营活动中一些小的瑕疵和不规范行为而作为刑事案件处理。
江必新:第四,在深化政策、细化规范上下更大功夫。我们将把一些原则性的政策,通过司法解释、典型案例,进一步细化,明确裁判依据。一方面,为审判人员裁判提供遵循。另一方面,也为民营企业和企业家的行为提供指引。
江必新:第五,在建构避免冤错案件的长效机制上下更大功夫。要按正当程序的要求,完善诉讼程序。充分尊重和保护案件当事人、代理律师的权益,高度重视当事人和律师对案件审理活动的监督。认真落实“让审理者裁判,让裁判者负责”,建构审判权公正行使的机制,确保审判权的规范行使。
江必新:我们希望通过这样一系列的举措,让法律成为民营企业、民营企业家的护身符,让法院成为保护民营企业和民营企业家的坚强阵地,让法官成为捍卫民营企业合法权益和民营企业家合法权益的坚固盾牌。
最高人民法院副院长江必新:去年以来,最高法院根据中央的部署和习总书记在民营企业座谈会上的重要讲话精神,采取了一系列举措,加大纠正冤错案件的力度。张文中案是一个标杆性案件,十年前他被判处12年有期徒刑,在去年的5月31日被宣告无罪。下一步,我们将进一步加大力度,纠正冤错案件。
江必新:第一,在统一裁判理念上下更大功夫。要坚持罪行法定原则,凡是刑事法律没有规定为犯罪的,一律不得作为犯罪追究。要坚持疑罪从无的原则,凡属于证据不足、事实不清的案件,一律做无罪处理。要坚持证据裁判原则,严格实行非法证据排除规则,对证据不足的,不能认定为犯罪并给予刑事处罚。
江必新:第二,在划清罪与非罪的界线上下更大功夫。我们将紧盯三类案件,第一类案件是合同诈骗罪、挪用侵占资金罪以及与民营企业家相关的其他罪名,我们把这些案件作为关注的重点。第二类案件是异地创业、异地投资这类存在着“主客场”问题的案件。第三类案件是因为规划调整、政策变化、领导更换而引发的一些案件。对于这些案件我们将认真进行排查,在处理时注重划清合法与非法、罪与非罪的界线。
江必新:第三,在排查督办、细心甄别上下更大功夫。严格区分民事纠纷和犯罪案件,坚决防止利用刑事手段干预经济纠纷,决不能把民事纠纷当成刑事案件来处理,决不能把民事责任转化为刑事责任,决不能因为经营活动中一些小的瑕疵和不规范行为而作为刑事案件处理。
江必新:第四,在深化政策、细化规范上下更大功夫。我们将把一些原则性的政策,通过司法解释、典型案例,进一步细化,明确裁判依据。一方面,为审判人员裁判提供遵循。另一方面,也为民营企业和企业家的行为提供指引。
江必新:第五,在建构避免冤错案件的长效机制上下更大功夫。要按正当程序的要求,完善诉讼程序。充分尊重和保护案件当事人、代理律师的权益,高度重视当事人和律师对案件审理活动的监督。认真落实“让审理者裁判,让裁判者负责”,建构审判权公正行使的机制,确保审判权的规范行使。
江必新:我们希望通过这样一系列的举措,让法律成为民营企业、民营企业家的护身符,让法院成为保护民营企业和民营企业家的坚强阵地,让法官成为捍卫民营企业合法权益和民营企业家合法权益的坚固盾牌。
Wednesday, March 6, 2019
मॉडल की आपबीती- सलमान खान की बीइंग ह्यूमन के CEO ने पीटा, एक कान से सुनने की क्षमता ख़त्म
एक्टर सलमान खान के क्लोदिंग ब्रांड बीइंग ह्यूमन के सीईओ मनीष मंधाना पर एक मॉडल एंड्रिया डिसूजा ने मारपीट का आरोप लगाया है. मॉडल की शिकायत पर मुंबई के गामदेवी थाने में आईपीसी की धारा 325 के तहत मामला दर्ज किया गया है. एंड्रिया का आरोप है कि मनीष ने उनको इतना मारा, जिससे उनकी सुनने की क्षमता कम हो गई. अब उन्हें एक कान से सुनाई नहीं दे रहा है.
स्पॉटबॉय की खबर के मुताबिक, एंड्रिया ने बताया, "2015 में दुबई में बीइंग ह्यूमन स्टोर के लॉन्च के दौरान उनकी मुलाकात मंधाना से हुई थी. हमने सोशल मीडिया पर बातचीत करना शुरू कर दिया. 2013 से में फिल्मों में काम की तलाश में दुबई से मुंबई भटक रही थी. फाइनली दिसंबर 2015 में मैं मुंबई शिफ्ट हो गई. मुझे ये मालूम था कि मनीष शादीशुदा है."
"उसने मुझसे यह कहते हुए झूठ बोला कि उसकी शादी लगभग खत्म हो गई है. उसकी पत्नी और बच्चे उससे अलग रहते हैं. और वो जल्द ही तलाक लेने वाला है. मैंने उस पर विश्वास किया. लेकिन, 2017 के बीच में मुझे पता चला कि मनीष ने मुझे झूठ बोला है. उसके कई और लड़कियों से भी संबंध है और उनसे भी उसने ऐसी ही बातें कही हैं. बाद उन्हें छोड़ दिया. जब मैंने उससे इस बारे में पूछा तो उसने इससे इंकार कर दिया."
"अगस्त 2017 में पहली बार उसने मेरे साथ मारपीट की. दरअसल, मेरी दोस्त अपने पोर्टफोलियो की शूटिंग पूरी करने के बाद मेरे घर पर रुक गई. उस दिन जब मनीष मेरे घर आया तो वो बेडरूम में गया, जहां मेरी दोस्त सो रही थी. वो उसके बगल में लेट गया. जब मैं कमरे में गई, तो उसने मुझे उनके बीच में लेटने के लिए कहा. यह देखकर कि मुझे अच्छा नहीं लगा. इसके बाद वो उस रात घर से चला गया."
"अगली सुबह, जब मैंने उससे इसके बारे में पूछने की कोशिश की तो उसने मुझे पीटा. मुझे उस दिन बिग बॉस (11) का ऑडिशन को छोड़ना पड़ा था क्योंकि इस घटना से मेरा चेहरा सूज गया था."
मॉडल ने आरोप लगाया कि "मुझे एक महिला से मनीष के कई सारे चैट्स मिली. जिसके बारे में जब मैंने उससे पूछताछ की तो उसने मुझे बहुत मारा. धीरे-धीरे ये सब बढ़ता गया. मेरी हेल्थ में गिरावट शुरू हो गई. मैं डिप्रेशन में जाने लगी. 6 महीने बाद मेरे चचेरे भाई मुझे अस्पताल ले गए. वहां, मुझे बताया गया कि मेरे दाहिने कान की नस डैमेज हो गई थी. मैंने उसकी पत्नी को मैसेज किया, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह मेरी बात सुनने में दिलचस्पी ले रही थी."
गामदेवी पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर राकेश जाधव ने डिसूजा की शिकायत की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, "हमने पीड़िता का बयान दर्ज किया है और एक एफआईआर दर्ज की गई है. आवश्यक कार्रवाई की जाएगी." बता दें कि डिसूजा ने मेडिकल रिपोर्ट के साथ-साथ पुलिस को अपनी चोट लगी तस्वीरें भी दी हैं.
बता दें कि मनीष मंधाना का इस मामले पर अभी तक कोई बयान नहीं आया है.
शिकायत में क्यों हुई देरी?
जब मॉडल से सवाल किया गया कि उसने शिकायत दर्ज करवाने के लिए 15 महीने तक इंतजार क्यों किया तो इस पर उन्होंने बताया, "मैं अपनी चोटों से उबर रही थी. इसके अलावा, मेरे दोस्तों ने भी मनीष के खिलाफ कार्रवाई करने से मुझे मना कर दिया क्योंकि वो ताकतवर इंसान है. लेकिन मैंने धीरे-धीरे साहस इकट्ठा किया और निर्णय लिया कि मुझे सभी को उसके गलत व्यवहार के बारे में बताना है. मुझे न्याय चाहिए.''
स्पॉटबॉय की खबर के मुताबिक, एंड्रिया ने बताया, "2015 में दुबई में बीइंग ह्यूमन स्टोर के लॉन्च के दौरान उनकी मुलाकात मंधाना से हुई थी. हमने सोशल मीडिया पर बातचीत करना शुरू कर दिया. 2013 से में फिल्मों में काम की तलाश में दुबई से मुंबई भटक रही थी. फाइनली दिसंबर 2015 में मैं मुंबई शिफ्ट हो गई. मुझे ये मालूम था कि मनीष शादीशुदा है."
"उसने मुझसे यह कहते हुए झूठ बोला कि उसकी शादी लगभग खत्म हो गई है. उसकी पत्नी और बच्चे उससे अलग रहते हैं. और वो जल्द ही तलाक लेने वाला है. मैंने उस पर विश्वास किया. लेकिन, 2017 के बीच में मुझे पता चला कि मनीष ने मुझे झूठ बोला है. उसके कई और लड़कियों से भी संबंध है और उनसे भी उसने ऐसी ही बातें कही हैं. बाद उन्हें छोड़ दिया. जब मैंने उससे इस बारे में पूछा तो उसने इससे इंकार कर दिया."
"अगस्त 2017 में पहली बार उसने मेरे साथ मारपीट की. दरअसल, मेरी दोस्त अपने पोर्टफोलियो की शूटिंग पूरी करने के बाद मेरे घर पर रुक गई. उस दिन जब मनीष मेरे घर आया तो वो बेडरूम में गया, जहां मेरी दोस्त सो रही थी. वो उसके बगल में लेट गया. जब मैं कमरे में गई, तो उसने मुझे उनके बीच में लेटने के लिए कहा. यह देखकर कि मुझे अच्छा नहीं लगा. इसके बाद वो उस रात घर से चला गया."
"अगली सुबह, जब मैंने उससे इसके बारे में पूछने की कोशिश की तो उसने मुझे पीटा. मुझे उस दिन बिग बॉस (11) का ऑडिशन को छोड़ना पड़ा था क्योंकि इस घटना से मेरा चेहरा सूज गया था."
मॉडल ने आरोप लगाया कि "मुझे एक महिला से मनीष के कई सारे चैट्स मिली. जिसके बारे में जब मैंने उससे पूछताछ की तो उसने मुझे बहुत मारा. धीरे-धीरे ये सब बढ़ता गया. मेरी हेल्थ में गिरावट शुरू हो गई. मैं डिप्रेशन में जाने लगी. 6 महीने बाद मेरे चचेरे भाई मुझे अस्पताल ले गए. वहां, मुझे बताया गया कि मेरे दाहिने कान की नस डैमेज हो गई थी. मैंने उसकी पत्नी को मैसेज किया, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह मेरी बात सुनने में दिलचस्पी ले रही थी."
गामदेवी पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर राकेश जाधव ने डिसूजा की शिकायत की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, "हमने पीड़िता का बयान दर्ज किया है और एक एफआईआर दर्ज की गई है. आवश्यक कार्रवाई की जाएगी." बता दें कि डिसूजा ने मेडिकल रिपोर्ट के साथ-साथ पुलिस को अपनी चोट लगी तस्वीरें भी दी हैं.
बता दें कि मनीष मंधाना का इस मामले पर अभी तक कोई बयान नहीं आया है.
शिकायत में क्यों हुई देरी?
जब मॉडल से सवाल किया गया कि उसने शिकायत दर्ज करवाने के लिए 15 महीने तक इंतजार क्यों किया तो इस पर उन्होंने बताया, "मैं अपनी चोटों से उबर रही थी. इसके अलावा, मेरे दोस्तों ने भी मनीष के खिलाफ कार्रवाई करने से मुझे मना कर दिया क्योंकि वो ताकतवर इंसान है. लेकिन मैंने धीरे-धीरे साहस इकट्ठा किया और निर्णय लिया कि मुझे सभी को उसके गलत व्यवहार के बारे में बताना है. मुझे न्याय चाहिए.''
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