सिखों के प्रथम गुरु नानक देव की 500वीं जयंती पर भारत सरकार करतारपुर साहिब तक कॉरिडोर का निर्माण करेगी. बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इसका फैसला लिया गया और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसकी जानकारी दी.
पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पाकिस्तान यात्रा के बाद से ही करतारपुर साहिब कॉरिडोर की चर्चाएं जोरों पर थी. अब इस पर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी.
राजनाथ सिंह ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार इस पर्व को बड़े पैमाने पर मनाएगी. सरकार गुरदासपुर जिले से लेकर अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर तक करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण करेगी. जहां सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी. इस कॉरिडोर से लोगों को करतारपुर साहिब जाने में मदद मिलेगी.
इसके अलावा पाकिस्तान सरकार से अपील की जाएगी वह अपने क्षेत्र के हिस्से में इसके लिए सुविधाएं बढ़ाएं. सरकार ने इसके अलावा ये भी फैसला किया है कि पंजाब के कपूरथला जिले में आने वाले सुल्तानपुर लोधी शहर को स्मार्ट सिटी के तौर पर डेवलप किया जाएगा. बता दें कि इस शहर को 'पिंड बाबे नानक दा' के नाम से जाना जाता है.
इसके अलावा अमृतसर में भी गुरु नानक के नाम पर यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी, जहां धर्म से जुड़ी पढ़ाई करवाई जाएगी. इस यूनिवर्सिटी का टाइअप अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से किया जाएगा.
वहीं रेल मंत्रालय भी गुरु नानक देव से जुड़े स्थानों के लिए स्पेशल ट्रेन चलाएगा. भारत सरकार द्वारा यूनेस्को से अपील की जाएगी कि गुरु नानक के विचारों को सभी भाषाओं में प्रकाशित किया जाए.
बता दें कि पाकिस्तान भी इस महीने के अंत से ही कॉरिडोर बनाना शुरू कर देगा. इमरान खान खुद इसकी शुरुआत करेंगे. हालांकि, इसकी तारीख तय नहीं हुई है. कॉरिडोर 2019 तक पूरा हो सकता है.
आजतक ने पहले ही किया था खुलासा
पंजाब पुलिस ने एक लोकल युवक को हिरासत में लिया है, जिसने निरंकारी समागम स्थल पर हैंड ग्रेनेड फेकने की बात कबूली है. हैंड ग्रेनेड अटैक के लिए पैसा और ग्रेनेड पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी हरमीत सिंह उर्फ पीएचडी ने मुहैया करवाया था.
पटियाला से कुछ दिन पहले पकड़े गए खालिस्तान गदर फोर्स के आतंकी शबनम दीप सिंह ने इसके लिए स्लीपर सेल के माध्यम से इन दो लड़कों को बरगला कर अपने साथ जोड़ा था. शबनम दीप सिंह ने गरीब लड़कों को खालिस्तान के नाम पर बरगला कर उनको चंद हजार रुपए देकर हैंड ग्रेनेड फेंकने के लिए तैयार किया था. उन्हें ट्रेनिंग भी दी गई थी.
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