Monday, April 1, 2019

श्रेया ने जूनियर वर्ग में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया, 10 मीटर एयर राइफल में गोल्ड जीता

ताइपे (ताइवान). भारतीय शूटर श्रेया अग्रवाल ने सोमवार को यहां एशियाई एयरगन चैम्पियनशिप में जूनियर वर्ग का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल जूनियर महिला वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। 18 साल की श्रेया ने फाइनल में 252.5 अंक हासिल किए, जो वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इस वर्ग में भारत की मेहुली घोष ने कांस्य पदक जीता। उन्होंने 228.3 का स्कोर किया।

श्रेया ने चीन की रुओझू का रिकॉर्ड तोड़ा

जूनियर महिला 10 मीटर एयर राइफल का वर्ल्ड रिकॉर्ड अब तक चीन की रुओझू झाओ के नाम था। रुओझू ने पिछले साल 22 अप्रैल को कोरिया में हुई वर्ल्ड चैम्पियनशिप में 252.4 का स्कोर किया था। श्रेया इस प्रतियोगिता में यशवर्धन के साथ मिलकर 10 मीटर एयर राइफल जूनियर मिक्स्ड टीम का स्वर्ण पदक पहले ही जीत चुकी हैं। उस इवेंट में मेहुली घोष और केवल प्रजापति की भारतीय जोड़ी रजत पदक जीतने में सफल रही थी।

प्रतियोगिता में भारत के 22 पदक

कोरिया की पार्क हेजिन ने 250.6 अंक के साथ रजत पदक पक्का किया। इस इवेंट में भारत की एक अन्य शूटर रक्षणा कवि चक्रवर्ती ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था, लेकिन वे पदक जीतने में असफल रहीं। वे 205.9 का ही स्कोर कर पाईं। इस प्रतियोगिता में भारतीय निशानेबाज अब तक 12 स्वर्ण, 5 रजत और 5 कांस्य पदक जीत चुके हैं।

यशवर्धन ने स्वर्ण, केवल प्रजापति ने रजत और ऐश्वर्य प्रताप ने कांस्य पदक जीते

इससे पहले 10 मीटर एयर राइफल जूनियर पुरुष वर्ग के तीनों पदक भारतीय शूटर्स ने जीते। भारत के यशवर्धन ने 249.5 अंक के साथ स्वर्ण, जसवंतभाई केवल प्रजापति ने 247.3 अंक के साथ रजत और ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने 226.1 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। यशवर्धन और केवल का प्रतियोगिता में यह दूसरा पदक है।

चेन्नई. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 29 नैनो सैटेलाइट्स लॉन्च किए। इनमें भारत का एमिसैट, 24 अमेरिका के, 2 लिथुआनिया के और 1-1 उपग्रह स्पेन और स्विट्जरलैंड के हैं। पहली बार इसरो का मिशन एकसाथ तीन कक्षाओं के लिए भेजा गया। यह लॉन्चिंग सुबह 9:27 बजे पीएसएलवी-सी45 रॉकेट की मदद से की गई। एमिसैट सैटेलाइट सीमा पर नजर रखने में मददगार होगा।

लॉन्च किए गए भारतीय उपग्रह एमिसैट का इस्तेमाल इलेक्‍ट्रोमैग्‍नेटिक स्‍पेक्‍ट्रम को मापने के लिए किया जाएगा। इसके जरिए दुश्मन देशों के रडार सिस्टम पर नजर रखने के साथ ही उनकी लोकेशन का भी पता लगाया जा सकेगा। भेजे जा रहे उपग्रहों में एमिसैट का वजन 436 किलोग्राम और बाकी 28 उपग्रहों का कुल वजन 220 किलोग्राम है।

पूरा अभियान 180 मिनट का

पहले 17 मिनट पूरे होने पर पीएसएलवी ने 749 किलोमीटर की ऊंचाई पर एमिसैट को स्थापित किया। इसके बाद चौथे चरण में लगे सोलर पावर इंजन को चलाकर करीब 504 किलोमीटर की ऊंचाई पर लाया गया और यहां 28 विदेशी सैटेलाइट्स स्थापित किए गए। चौथे चरण में ही रॉकेट को 485 किलोमीटर ऊंचाई पर लाकर तीन प्रायोगिक पेलोड की मदद से चंद्रयान-2 अभियान से जुड़े कुछ खास प्रयोग किए जाने हैं।

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