Monday, April 22, 2019

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के सामने 81 साल की शीला दीक्षित मैदान में

नई दिल्ली. कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए सोमवार को दिल्ली की सात में से छह सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया। दिल्ली की सातवीं सीट पर पार्टी का उम्मीदवार तय होना बाकी है। उत्तर-पूर्व दिल्ली सीट से पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को उतारा गया है। उनका मुकाबला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी से होगा। तिवारी इस सीट से 2009 और 2014 में चुनाव जीत चुके हैं। आम आदमी पार्टी ने इस सीट से दिलीप पांडे को मौका दिया है। उधर, कांग्रेस ने उत्तरप्रदेश की तीन लोकसभा सीटों पर भी उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया।

इस मौके पर शीला ने कहा, “मैं अपनी जिम्मेदारी निभाने की पूरी कोशिश करूंगी। मैं यहां से पहले लड़ चुकी हूं और लोग मुझे जानते हैं। हमने यहीं से मेट्रो शुरू की थी। हम लोगों के काम करने के लिए जाने जाते हैं।”

जयप्रकाश अग्रवाल और अजय माकन को फिर मिला टिकट
2014 में कांग्रेस ने उत्तर-पूर्व दिल्ली सीट पर जयप्रकाश अग्रवाल को मौका दिया था। हालांकि, वे तीसरे स्थान पर रहे थे। अग्रवाल को इस बार कपिल सिब्बल की जगह चांदनी चौक सीट से मौका दिया गया है, यहां उनका मुकाबला केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन से होगा। वहीं, नई दिल्ली सीट पर पार्टी ने एक बार फिर अजय माकन पर भरोसा जताया है। 2014 में भाजपा की मीनाक्षी लेखी यहां से चुनाव जीती थीं। माकन तीसरे नंबर पर रहे थे।

दीक्षित 1984 में पहली बार बनी थीं सांसद
शीला दीक्षित ने पहली बार 1984 में कन्नौज सीट से चुनाव लड़ा था। यहां उन्होंने सपा के छोटे सिंह यादव को हराया था। 1984 से 1989 तक सांसद रहने के दौरान वे यूनाइटेड नेशंस कमीशन ऑन स्टेटस ऑफ वीमेन में भारत की प्रतिनिधि रह चुकी हैं। इसके बाद 1998 में वे नई दिल्ली की मुख्यमंत्री बनीं और 2013 तक इस पद पर रहीं।

संतकबीर नगर से पार्टी ने दो दिन पहले सपा से कांग्रेस में शामिल हुए भालचंद्र यादव को टिकट दिया गया है। भालचंद्र 2 बार सांसद रह चुके हैं। इससे पहले इस सीट से पार्टी ने परवेज खान को उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस ने इलाहाबाद से योगेश शुक्ला और डुमरियागंज से चंद्रेश उपाध्याय को उम्मीदवार बनाया है। योगेश शुक्ला 2009 में भाजपा के टिकट पर इलाहाबाद से चुनाव लड़ चुके हैं।

दिल्ली और राजस्थान ने आईपीएल में एक-दूसरे के खिलाफ अब तक 18 मैच खेले हैं। इनमें से राजस्थान की टीम 11 में जीत हासिल करने में सफल रही है। दिल्ली को 7 जीत से ही संतोष करना पड़ा है। दिल्ली ने राजस्थान के खिलाफ सबसे ज्यादा 4 मैच फिरोजशाह कोटला स्टेडियम पर जीते हैं। कोटला में दोनों टीमें 7 बार आमने-सामने हुईं हैं।

राजस्थान तटस्थ मैदान पर भी दिल्ली के खिलाफ अपनी श्रेष्ठता साबित करने में सफल रही है। दोनों के बीच तटस्थ मैदान पर अब तक 6 मैच खेले गए हैं। इनमें से राजस्थान 4 और दिल्ली 2 में जीत हासिल करने में सफल रही है। राजस्थान मुंबई के ब्रेबोर्न और वानखेड़े, सरदार पटेल स्टेडियम और सुपरस्पोर्ट पार्क पर दिल्ली को 1-1 बार हरा चुकी है। दिल्ली ने राजस्थान के खिलाफ शेवरलेट पार्क और सरदार पटेल स्टेडियम पर 1-1 मैच में जीत हासिल की है।

दोनों टीमें इस प्रकार हैं
राजस्थान रॉयल्स : स्टीव स्मिथ (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, कृष्णप्पा गौतम, संजू सैमसन, श्रेयस गोपाल, आर्यमान बिड़ला, एस. मिधुन, प्रशांत चोपड़ा, स्टुअर्ट बिन्नी, राहुल त्रिपाठी, बेन स्टोक्स, जोस बटलर, जोफरा आर्चर, ईश सोढ़ी, धवल कुलकर्णी, महिपाल लोमरोर, जयदेव उनादकट, वरुण एरॉन, ओशेन थॉमस, शशांक सिंह, लियाम लिविंगस्टोन, शुभम रंजाने, मनन वोहरा, एश्टन टर्नर, रियान पराग।

दिल्ली कैपिटल्स : श्रेयस अय्यर (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), पृथ्वी शॉ, अमित मिश्रा, आवेश खान, राहुल तेवतिया, जयंत यादव, कॉलिन मुनरो, क्रिस मॉरिस, कगिसो रबाडा, संदीप लमिछने, ट्रेंट बोल्ट, शिखर धवन, हनुमा विहारी, अक्षर पटेल, ईशांत शर्मा, अंकुश बैंस, नाथू सिंह, कॉलिन इनग्राम, शेरफेन रदरफोर्ड, कीमो पॉल, जलज सक्सेना, बंडारू अयप्पा।

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